What is SIP in Hindi – म्यूचुअल फंड एसआईपी क्या है

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What is SIP in Hindi – नमस्ते दोस्तों आज के इस ब्लॉग में हम देखेंगे की What is SIP in hindiसिप क्या होता है, यह काम कैसे करता है|

SIP in hindi – आज हम एक बेहतरीन इन्वेस्टमेंट के बारे में जानकारी जानेंगे, और हम यह सीखने की कोशिश करेंगे कि; what is SIP in hindi – सिप इन्वेस्टमेंट क्या है, सिप इन्वेस्टमेंट काम कैसे करता है।

सेविंग और Power of compounding का फायदा, हम जानेंगे, सिप इन्वेस्टमेंट के, Key Features of sip के बारे में, और फाइनली हम जानेंगे कि; सिर्फ SIP इन्वेस्टमेंट में ही क्यों हमें बने रहना चाहिए? तो दोस्तों बहुत ही importannt आर्टिकल है। यहां पर बहुत कुछ सीखने को मिलेगा, तो चलिए शुरू करते हैं।

What is SIP in hindi सिप क्या है  

सबसे पहले जानेंगे कि, What is Sip in hindi – सिप (SIP) यानि सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान क्या है आप इसको एक इन्वेस्ट करने के तरीके का जरिया मान लीजिए। जिसके जरिए, आप म्युचुअल फंड स्कीम्स में; आसानी से और स्मार्ट तरीके से इन्वेस्ट कर सकते हैं| तो आईये, What is Sip in hindi का मतलब समझने की कोशिश करते हैं|

आप सिप इन्वेस्टमेंट मोड के जरिए, आप रेगुलर इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं| यह सब म्युचुअल फंड्स में ही हो सकता है| आप रेगुलर इन्वेस्टमेंट, यानी वीकली बेसिस पर, मंथली बेसिस पर, या डेली बेसिस, रेगुलर इन्वेस्टमेंट कर सकते हो| और यहां पर कितना इन्वेस्ट करना है। और कब करना है? वह ऑलरेडी तय किया हुआ होता है।

जिसकी वजह से जो निर्धारित है, वह इन्वेस्टमेंट करने का प्लान बन जाता है|और इसकी वजह से ऑटोमेटिक सेविंग होता है| इस तरह स्मार्ट तरीके से इन्वेस्ट करके, आप फ्यूचर के लिए वेल्थ बिल्ड करते हो|

आपने हिंदी में, एक मशहूर कहावत सुनी होगी कि; बूंद बूंद पानी से ही घड़ा भरता है। वैसे ही SIP में होता है। 

तो SIP in hindi भी इसी प्रिंसिपल के ऊपर काम करती है। जहां पर आप एक फिक्स रेट, जो कि केवल ₹500 रुपये भी हो सकता है। उसको एक रेगुलर तरीकेसे, निर्धारित समयपर निवेश करते हैं। यह निर्धारित तारीख, आप खुद ही डिसाइड कर सकते हैं। आप weekly sip भी कर सकते हैं, और Monthly भी कर सकते हैं। Quatrly भी कर सकते है। या Annual sip भी कर सकते हैं।

Examples of SIP in Hindi

यह उदाहरण, लोन से संबंधित है। क्या आपने कभी सोचा है? कि; हम लोन किसलिए लेते हैं? जब हमें घर लेना होता है; या फिर गाड़ी लेनी होती है। तो वहां पर, हम लोगों की सहायता लेते हैं। उसके पीछे कारण यह है कि, हमें बहुत बड़ा अमाउंट चेक नहीं कर पाते लेकिन लोन लेने के बाद जो हमारी EMI fixed होती है; या जो भी क़िस्त देनी पड़ती है, वह हम बहुत आसानी से भर पाते हैं। क्यों कि; वह जो अमाउंट होता है, वह काफी कम अमाउंट होता है।

लेकिन वहां पर हमें, लोन के ऊपर इंटरेस्ट भी देना पड़ता है। तो यहां पर आप SIP और लोन में फर्क देखिये। लोन के अंदर आपको इंटरेस्ट देना पड़ता है। लेकिन sip के द्वारा, किसतोमे किये गए इन्वेस्टमेंट पर आपको लम्बी अवधिमे 10% से लेकर 20% तक रिटर्न्स मिल सकता है।

इस तरह आप हाई रिटर्न्स, जनरेट कर सकते हैं। और वहां पर आप एक बहुत बड़े अमाउंट को सेव भी कर सकते हैं। आप sip के द्वारा किसी भी प्रकार के म्यूचुअल फंड के अंदर निवेश कर सकते हैं। और लंबी अवधि के दौरान wealth क्रिएट कर सकते हैं। यहां पर रिटर्न जनरेट करना और wealth क्रिएट करना, यह दो अलग-अलग बातें होती हैं।

रिटर्न जनरेट करना क्या है;

जैसे कि हम फिक्स डिपाजिट में निवेश करते हैं। तो वहां पर हम केवल रिटर्न जनरेट कर रहे हैं। लेकिन अगर आपको वेल्थ क्रिएट करनी है। तो वहां पर आप sip द्वारा निवेश कर सकते हैं। पर दोस्तों यह जो अमाउंट है; वह automatically आपके बैंक अकाउंट में से ECS द्वारा deduct हो जाएगा। जो भी समय और अमाउंट आप निर्धारित करेंगे।

मान लीजिए आप मंथली sip करते हैं। और आप डिसाइड करते हैं। कि मेरा जो sip का अमाउंट है वह 5 तारीख को डिडक्ट होना चाहिए। तो हर महीने की 5 तारीख को वह अमाउंट ऑटोमेटिकली आपके बैंक अकाउंट से डिडक्ट हो जाएगा। और अपने आप वह म्यूचुअल फंड के अंदर निवेश कर दिया जाएगा।

अब दोस्तों आपके मन में एक सवाल आ रहा होगा कि; मेरा जो अमाउंट बैंक से डिटेक्ट हो गया, जिसे म्यूचुअल फंड में निवेश कर दिया गया, तो मुझे पता कैसे लगेगा। तो पहले आप यह समज लीजिये की; यहां पर जो भी अमाउंट निवेश किया जाता है। उसके बदले आपको म्यूच्यूअल फंड की यूनिट अलॉट की जाती हैं। और उस यूनिट की संख्या और कीमत आप कभी भी देख सकते हो। 

म्यूचल फंड की NAV क्या है 

मान लीजिए, कोई म्यूचल फंड स्कीम है और उसकी NAV यानि नेट असेट वैल्यू, इस समय ₹20  रुपये है। और यहां पर आप ₹1000 रुपये उस म्यूचल फंड स्कीम  के अंदर निवेश करते हैं। तो दोस्तों आपके निवेश के बाद आपको उस म्यूच्यूअल फंड स्कीम की 50 यूनिट अलॉट कर दिए जाएंगे।

अगर इस म्यूच्यूअल फंड स्कीम की NAV बढ़ती है, इनक्रीस होती है। तो आपका जो निवेश है, वह भी इनक्रीस होता है; यानि बढ़ता है। तो मान लीजिए 1 साल बाद, इस म्यूच्यूअल फंड स्कीम की एनएवी ₹30 हो जाती है, तो जो आपकी 50 यूनिट हैं, जिनको आप ने ₹1000 में खरीदा था।

अब उनकी वैल्यू 1500 रुपए होगी। तो दोस्तों इस तरीके से आपका पैसा जो है, वह grow होता है, यानि बढ़ता है। इससे आप एक wealth क्रिएट करते हैं; ना कि रिटर्न जनरेट करते रहे हैं। तो दोस्तों, निवेशक के तौर पर आपके मन में, अब सबसे पहले यह सवाल आ रहा होगा कि; मैं सिप में निवेश क्यों और कैसे करू?

आपके उपयोग में आने वाले पोस्ट्स।

म्यूच्यूअल फण्ड क्या है 

शेयर बाजार क्या है 

How to work in SIP in Hindiसिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लैनिंग में काम कैसे करें

तो Sip in Hindi का काम करने का तरीका, बहुत ही सिंपल है| सबसे पहले आपको यह डिसाइड करना है कि; आपको कितना पैसा इन्वेस्ट करना है| तो यहां पर मान लीजिए आप ₹१०,००० रूपये इन्वेस्ट करना चाहते हैं| आपको डिसाइड करना होता है कि; आपको यह ₹१०,००० रूपये का बैलेंस करना है| मतलब आपको, यह तय करना है की; मंथली इन्वेस्ट करना है, या  क्वार्टरली करना है, यह लिखना है| तो यह आपको डिसाइड करना है|

तो यहां पर मान लेते हैं कि; आपको मंथली इन्वेस्टमेंट करना हैं| अब आपने यह डिसाइड कर लिया, और आपने म्यूच्यूअल फंड का स्कीम चुन लिया। तो उसके बाद ऑटोमेटिक तरीकेसे आपके अकाउंट से हर महीने ₹१०,००० रूपये ऑटोमेटिक कट जाएंगे। और उस स्पेसिफाइड म्युचुअल फंड स्कीम में, ऑटोमेटिकली इन्वेस्ट हो जाएंगे|

म्यूचल फंड यूनिट्स क्या है 

पैसा उस म्यूच्यूअल फंड स्कीम में इन्वेस्ट होगा, तो उस पैसे से म्यूच्यूअल फंड, शेअरोंकी खरीदारी करेगा| और उसके बदले में आपको, कुछ सर्टेन नंबर आफ म्युचुअल फंड के यूनिट दीया जाता है| और यह म्युचुअल फंड यूनिट्स ही, असली इन्वेस्टमेंट होता है| जो म्यूचुअल फंड के मार्केट में, उसको रिप्रेजेंट करता है| जब आप पैसा इन्वेस्ट करेंगे, और उन पैसों को, म्यूच्यूअल फंड, मार्केट में इन्वेस्ट करने जाएगा; तो हर महीने में यूनिट के प्राइस इसमें डिफरेंट रहेगा| 

इसमें जानने योग्य बात यह है की; जैसे शेयर बाजार में उतार- चढाव होगा, वैसे म्यूचल फंड के यूनिट कि कीमत भी कम- ज्यादा होगी। इस लिए मार्केट में, आपकी खरीदारी अलग -अलग प्राइस में होगी| जिससे इन्वेस्टरों को रूपी कॉस्ट एवरेजिंग का फायदा मिल जाता है| इस तरह शेयर बाजार पर ही, म्यूचल फंड निर्भर होने के कारन, म्यूचल फंड निवेश, शेयर बाजार जोख़िमों के अधीन है। कृपया दस्तावेज ध्यानसे पढ़े। यह सेबी द्वारा जारी की गई, गाइडलिनस हर फॉर्म पर होती है।   

What is Rupee Cost Averaging in hindiरूपी कॉस्ट एवरेजिंग क्या है

आप SIP  में इन्वेस्ट करना शुरू करते हैं; तो आपको पावर ऑफ कंपाउंडिंग का एडवांटेज भी मिलेगा| लेकिन अभी आप में से बहुत लोग यह सोच रहे होंगे कि; रूपी कॉस्ट एवरेजिंग और पावर आफ कंपाउंडिंग क्या होता है?

अगर आप ₹1000 रूपये की, कीमत का म्यूचुअल फंड के, एक यूनिट में इन्वेस्ट करने का निर्णय लेते हैं| और उसका प्राइस 1000 रुपये पर होता है| तो इस महीने जब आप इन्वेस्ट करेंगे, तो आपके ₹10,000 रूपये के इन्वेस्ट के बदले, आपको 10 यूनिट मिलेंगे। मान लीजिए अगले महीने जब आप सिप इन्वेस्टमेंट करने जाएंगे|

तो उस टाइम, उस यूनिट का प्राइस ₹2000 होगा, तब आपके सिप  इन्वेस्टमेंट के बदले आपको उस म्यूचल फंड के 5 यूनिट मिलेंगे| और उससे अगले महीने जब आप इन्वेस्ट करने जाएंगे, तो उसी यूनिट का प्राइस 2000 से नीचे गिरकर ₹500 रुपये हो जाता है। तब आपको 20 यूनिट मिलेंगे| तब आपके तीन महिने मे अलग-अलग कीमत में, ख़रीदे हुए  ₹30,000 रुपये के यूनिट होते है|

How investment averaging work in SIP in hindiइन्वेस्टमेंट एवरेजिंग कैसे होता है 

आप नोटिस कर रहे हैं; तो आपका जो इन्वेस्टमेंट होता है, वह फिक्स होता है| हर महीने का इन्वेस्टमेंट फिक्स्ड होने के कारण, जब मार्केट नीचे जाता है|तो ऑटोमेटिकली आप की खरीदारी ज्यादा हो जाती है| जहां पर आपको ज्यादा यूनिट्स मिलते हैं; और जब भी मार्केट ऊपर होता है|

तो आपकी खरीदारी ऑटोमेटिकली कम हो जाती है| और आप कम यूनिट्स खरीदे हो, उसका एडवांटेज यह  होगा की; चाहे मार्केट ऊपर हो जाए, या नीचे गिरे, आपका एवरेज प्राइस जो है, वह पालन होता रहेगा। और इसी को हम टेक्निकल टर्म में बोलते हैं; रूपी कॉस्ट एवरेजिंग, इसी के जरिए म्यूचुअल फंड्स के सिप प्लान में इन्वेस्ट करते हैं|

तो आप, रूपी कॉस्ट एवरेजिंग करते हुए; जिसे से चाहे मार्केट ऊपर जाए, या नीचे गिरे, आप निश्चिंत होकर अपना पैसा निवेश कर सकते हैं| आपको यह क्लीयरली समझ में आ चुका होगा|

म्युचअल फण्ड एसआईपी इन्वेस्टमेंट के फायदे

 म्युचअल फंड एसआईपी इन्वेस्टमेंट का सबसे पहला फायदा जो है, वो यह है की; जब भी आप किसी म्यूचल फंड स्कीम में निवेश करते हैं। तो सिप के द्वारा आपकी जो पर्चेसिंग कॉस्ट है। आप उसको एवरेज आउट कर सकते हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि; मार्केट एक साइकल में मूव मेन्ट करती है। शेयर मार्केट कभी बेयरिश होगा, फिर बुलिश हो जाएगा। फिर से  बेयरिश होगा, और फिर बुलिश हो जाएगा।

तो यहां पर, जब आप SIP के द्वारा निवेश कर रहे हैं। तो मार्केट मान लीजिए, इस समय बेयरिश है। या मार्केट इस समय डाउन है। तो वहां पर आपको ज्यादा यूनिट सेल आउट होंगी। जब मार्केट ऊपर की तरफ जाएगा, तो आप को कम यूनिट सेल आउट होगा। तो उससे क्या है कि; आपकी जो पर्चेसिंग कॉस्ट है। वह एवरेज आउट हो जाएगा।

अब, जब मार्केट नीचे की तरफ है; तब आप ज्यादा यूनिट्स परचेस करते हो; यानि ज्यादा यूनिट खरीद लेते हो। लेकिन जब मार्केट ऊपर की तरफ है, या बुलिश है। उस समय आप कम यूनिट्स खरीद रहे हैं। इससे आपकी जो टोटल कॉस्ट होती है। वह एवरेज आउट हो जाएगी। और मार्केट की साइकिल जब चेंज होगी। यानि मार्केट जब भी बेयरिश से बुलिश रन में आएगा; तो वहां पे आपकी पर्चेसिंग कॉस्ट अब कम है, एवरेज आउट है।

इसी के कारन, आपको बहुत बेहतरीन रिटर्न्स मिलेंगे। आप वहां पर एक बहुत अच्छी वेल्थ, यानि संपत्ति बना सकते हैं। तो वहां पर, आप अपने निवेश को बढ़ता हुआ देख सकते हैं। तो दोस्तों, मार्केट क्योंकि एक साइकिल के अंदर मूमेंट करती है।

इसलिए मार्केट के ups and down के बारे में, आपको ज्यादा चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। अगर आप SIP के  द्वारा निवेश करते हैं। तो आपकी जो पर्चेसिंग कॉस्ट है, यानि खरीदारी की कीमत है; वह एवरेज आउट हो जाएगी और आपको वहां पर बेहतरीन रिटर्न्स मिलेंगे।

आपके उपयोग में आने वाले पोस्ट्स।

आईपीओ क्या होता है 

डीमैट अकॉउंट क्या होता है 

दूसरा फायदा है power of compounding 

What is Power of Compounding in Hindiपावर ऑफ़ कम्पाउंडिंग क्या है

क्या आपको मालूम है? कि जो बहुत बड़े निवेशक वारेन बफेट सर उन्होंने 14 साल की उम्र में निवेश करना शुरू कर दिया था। लेकिन उनका जो पैसा है वो exponentially grow होना शुरू हुआ, जब उनकी उम्र थी 50 साल, पावर आफ कंपाउंडिंग को इस दुनिया का आठवां wonder भी कहा जाता है। और आपके मन में सवाल आ रहा होगा की; What is Power of Compounding in Hindi – यह पावर आफ कंपाउंडिंग क्या है?

तो दोस्तों, पावर आफ कंपाउंडिंग के अंदर; जो आप रिटर्न्स जनरेट कर रहे हैं, जो आप wealth क्रिएट कर रहे हैं। वह न केवल अपनी निवेश के ऊपर कर रहे हैं; पर उस निवेश के ऊपर जो आपको फायदा  हो रहा है,  जो गेन हो रहा है; आप  उसके ऊपर भी रिटर्न जनरेट कर रहे हैं।

Power of compounding examples in hindi

मानलीजिए आपने 1 साल के अंदर SIP के द्वारा ₹1,00000 रुपये निवेश किए, किसी म्युचुअल फंड स्कीम में, और उसका जो 1 साल का रिटर्न था; वह 15% था, तो आपका ₹1,00000 रूपया जो है, वह बढ़कर ₹1,15,000 रुपये हो गया है। अब  पावर आफ कंपाउंडिंग के अंदर क्या है? कि; जो दूसरे साल आपको रिटर्न मिलेगा, या दूसरे साल के लिए जो आपका निवेश है वह ₹115000 रुपये है। ना कि, ₹100000 रुपये।

तो यहां पर आपका जो ओरिजिनल यानि मूल निवेश ₹100000 रुपये है; आप उसके ऊपर भी मुनाफा कमा रहे हैं। और जो उस निवेश के ऊपर आपको फायदा हुआ, उसके ऊपर भी आप फायदा कमा रहे हैं; उसके ऊपर भी आप रिटर्न जनरेट कर रहे हैं। इससे आपका पैसा जो है, वह पावर आफ कंपाउंडिंग का इस्तेमाल करके, काफी तेजी से बढ़ेगा।

What is Investment Discipline in hindi – इन्वेस्टमेंट डिसिप्लिन क्या है

तो SIP में निवेश करने का, तीसरा सबसे बड़ा फायदा यह है की। यहां पर आप एक डिसिप्लिन के अंदर निवेश करते हैं। यहां पर बहुत बड़े जो निवेशक हैं। या एक इन्वेस्टर्स हैं। उनका हमेशा यह मानना है कि; पहले आप निवेश करें, पहले आप सेविंग करें, उसके बाद खर्च करें। यहां पर होता क्या है? कि; मान लीजिए, आप महीने में एक x अमाउंट कमाते हैं।

तो वहां पर आपके, काफी सारे खर्चे भी होते हैं। और अगर आप अपने खर्चों पर कंट्रोल नहीं कर पाते; तो हो सकता है कि; महीने के अंत में आपके पास कुछ भी ना बचे; निवेश करने के लिए। लेकिन अगर आप sip के द्वारा निवेश करते हैं, तो आप डिसिप्लिन का पालन करने वाले हो जाएंगे। आपको पता है, आपके खर्चे कितने है।

आप एक बजट के अंदर अपने खर्चे करेंगे, तो पहले वहां पर आप सेव करेंगे, उसके बाद आप खर्च करेंगे। अगर आप इस तरीके से निवेश करते हैं, तो  पहले आप सेव करते हैं। और उसके बाद ही खर्चा करते हैं। तो वहां पर आपको कभी भी कोई फाइनैंशल दिक्कत नहीं आएगी। क्यों कि; आप एक डिसिप्लिन मैनर के अंदर, एक रेगुलर बेसिस के ऊपर आप निवेश कर रहे हैं। जो पैसा आपके फाइनैंशल ऑब्जेक्टिव, या फाइनैंशल उद्देश्य को पाने में आपकी मदद करेगा।

अब दोस्तों, आपको SIP के बारे में पूरी जानकारी मिल गई है। what is SIP in hindi  सिप काम कैसे करती है?  हम SIP के द्वारा निवेश कैसे करें? इन सारे सवालों का जवाब आपको मिल गया होगा। अगर आपको हमारी दी गयी जानकारी से समाज नहीं ारः तो आप तुरंत हमें comment के माद्यम से सम्पर्क करे या contact us से हमें सम्पर्क कीजिये


Written by – vinay chikane 


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