शेयर बाजार के बारे में आपकी Pyschology क्या होती है? और क्या होनी चाहिए|

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नमस्ते दोस्तों आपका स्वागत है, हमारे इस website पे| तो दोस्तों आज हम देखेंगे शेयर बाजार के बारे में आपकी pyschology क्या होती है? और  क्या होनी चाहिए| 

शेयर बाजार के बारे में आपकी Pyschology क्या है?

शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट या ट्रेडिंग करने के लिए आपकी मानसिकता योग्य प्रकार की, यानि बाजार के अनुकूल ही होनी चाहिए| शेयर बाजार की बाते आपकी कानोंपर पड़ते ही, आपके मन में संभ्रम, भय और लोभ की भावनाये लहराने लगती है, जो आपको प्रोत्साहित और आकर्षित करती है| साथ ही साथ क्या हमें शेयर बाजार में लाभ प्राप्त हो पायेगा? हमें तो शेयर बाजार के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं है! ऐसे शंका और निराशाजनक विचार आपके मनको उदास और नकारात्मक भी बनाते है|

आधुनिक तंत्रज्ञान के कारन, इस समय शेयर बाजार के कामो में बहोत सारे सुधार और बदलाव हुए है| अभी शेयर बाजार यह विषय किसी के लिए नया नहीं है| इस के संबंधी पर्याप्त और साधारण, जानकारी सभी लोगो को है| परंतु पच्चीस से तीस सालो पहले, शेयर बाजार के शब्द का उल्लेख भी अगर किसी ने किया तो उस व्यक्ति की और अलग नजरिए से देखा जाता था| उनके बारेमे काना फुंसी की जाती थी| पर अब ऐसी स्थीती नहीं है|

अब शेयर बाजार संबंधी लोगोंका नजरीया, उनकी मानसिकता, उनका बाजार की तरफ देखनेका दृष्टिकोण बदला है| इस के कारन इस क्षेत्र की तरफ लोगोंका बहाव, उनका आकर्षण बढ़ रहा है| लेकिन लोगो को शेयर बाजार में लंबे समय तक टिके रहना आता नहीं है| उनके इस ना कामयाबी के लिए अनेक कारन होते है; उनमे से उनकी मानसिकता, यह भी एक प्रमुख कारन है| 

इस ब्लॉग के जरिये, बाजार संबंधी सर्व साधारण मानसिकता के संबधी विस्तार में जानकारी दी गयी है| लोगों को इसका अभ्यास करने के बाद आपको आपकी मानसिकता का एहसास होगा| जिस के कारन,आपकी मानसिकता बाजार योग्य हो जाएगी| अगर योग्य है, तो आपका विश्वास बाजार के प्रती और दृढ़ हो जायेगा|

तो आइये जान ते है|

शेयर बाजार के प्रती लोगों की मानसिकता क्या होती है? और क्या होनी चाहिए? 

शेयर बाजार में व्यवहार करने के लिए उस विषय में ज्ञान,अनुभवी लोगों की सलाह, अपना खुद का अनुभव इन सभी बातो की आवश्यकता तो है ही; पर इससे भी महत्वपूर्ण बात है, वो है आपकी मानसिकता| इसे समझना अत्यंत आवश्यक है| हम सब लोगों में, प्रत्येक व्यक्ती की मानसिक स्थीती और क्षमता विभिन्न प्रकार की होती है|

जो व्यक्ती के जन्म, शिक्षा, भौतिक वातावरण और व्यवसाय इन बातो पर निर्भर होती है| हर व्यक्ती के मानसिक स्तिथि का अलग-अलग विचार ना करते हुए| आप सिर्फ शेयर बाजार से जुड़े हुए अनुभवी व्यक्तियों का अनुभव, आपका खुद का अनुभव, सतर्क रहकर शेयर बाजार, के नियमो को समझकर, आप अपनी मानसिकता बाजार के लिए तैयार कर सकते हो| 

किन कारणों से आप शेयर बाजार की तरफ आकर्षित होते हो?

  • प्रसार माध्यम (मीडिया), अखबार!
  • मित्र परिवार, अथवा रिश्तेदार|
  • जानकार, लोगों की चर्चाएं सुनकर|
  • अपने घर में, वाडीलोपार्जित शेयर होने पर|
  • शेयर बाजार का बोल बाला हर तरफ चलता ही है|

इनमे से किसी ना किसी माध्यम से लोग शेयर बाजार की तरफ आकर्षित होते हैं| मध्यम कोई भी हो लेकिन धेय सभी का एक ही होता है और वह है पैसे कमाना| शेयर बाजार में पैसे कमाने के लिए आपको, दो बातों को समझना बेहद जरूरी है|

पहली बात है, शेयर बाजार के प्रति आपका मानसिक दृष्टिकोण क्या होता है? इसे समझने के बाद आपको आपकी गलतियों का एहसास होगा, जिसके कारण शेयर बाजार के लिए किस प्रकार की मानसिक स्थिति नहीं होनी चाहिए, यह आप जान पाओगे|

दूसरी बात है, शेयर बाजार के लिए आप की मानसिक स्थिति क्या होनी चाहिए? अब आप इस बात को जान लेते हो, तो शेयर बाजार में आपके साथ कोई गड़बड़ी नहीं होगी, बाजार के प्रति डर नहीं रहेगा, आप अपनी लालच पर भी अंकुश रख पाओगे जिसके के कारण आप सही निर्णय ले पाओगे, नुकसान से बचोगे और मार्केट में मुनाफा कमा पाओगे|

शेयर बाजार में आम निवेशकों के साथ क्या होता है?

शेयर बाजार का निर्देशांक रोज़ ही बढ़ता या घटता है| उसे देख निवेशकों का मन भी विचलित होते रहता है| लेकिन शेयर में निवेश करते समय पिछले कुछ महीनों में कंपनी का कारोबार कैसे चल रहा है, इसकी जांच पड़ताल करके निवेश किया जाए, तो निवेशकों का मन विचलित नहीं होगा लेकिन, बहुत से निवेशक इस बात को नजरअंदाज कर देते हैं| या इस बात को कैसे गौर करना है, यह उनको पता नहीं होता|

अच्छे कंपनियों के कंपनी के शेयरों में आपकी पूंजी लागत करने से आपका नुकसान नहीं होता| शेयर बाजार पर अनेक बातों का परिणाम, तो होता ही रहता है| इसके चलते, शेयरों के भाव बदलने के अनेक कारण दिखाई देते हैं| लेकिन केवल इन्हीं बातों का विचार करना योग्य नहीं है| अगर किसी कंपनी का स्टडी करके, आपको इस के शेयर में निवेश करने योग्य लगता है, तो आप अपने पास की सारी रकम,या ज्यादा रकम इन एक ही कंपनी में निवेश ना करें, इससे आप को नुकसान उठाना पड़ सकता है|

आम तोर पर सामान्य निवेशक कब आकर्षित होता है?

आमतौर पर सामान्य निवेशक, शेयर का भाव बढ़ने पर इसकी तरफ आकर्षित होते हैं,और लालसा से मोहित होकर, इसमें निवेश करते हैं| जिस कीमत पर शेयर की खरीदारी करते हैं| वहां से इसकी थोड़ी सी बढ़कर, इस की कीमत में गिरावट की शुरुआत होती है| अगर आप स्टॉप लॉस लगाकर, इस शेयर को बेचकर बाहर निकल ले तो ठीक, मगर ऐसा होता नहीं है| उस वक्त निवेशक संयम दिखाकर हम लंबे समय के निवेशक है, ऐसी खुदको तसल्ली देता है| वही उसकी बड़ी भूल हो जाती है|

उस शेयर की गिरावट रूकती नहीं है| वह जब और गिरने लगता है, उसे देख निवेशक के मन में चिंता होने लगती हैं| उसे अब लगने लगता है, कि यह कंपनी कुछ ठीक नहीं है, और वह निवेशक अपने शेयर को बेचने का निर्णय लेता है और घबराकर गड़बड़ी में खरीदे हुए सारे शेयर बेच देता है| उस व्यक्ति ने, शेयर बेचने के बाद उस शेयर की कीमत थोड़ी सी कम होकर स्थिर हो जाती हैं| उसे देखकर मैंने लिया हुआ फैसला बिल्कुल सही था| ऐसा मान कर खुद को अकलमंद समझकर वह व्यक्ति समाधान व्यक्त करता है| यह उसकी दूसरी गलती होती है|

आम निवेशक की गलती! 

कुछ दिनों बाद, उसी शेयर की कीमत फिर से बढ़ने लगती है| तब यह निवेशक मन में सोचता है, कि यह कंपनी कुछ ठीक नहीं है| अभी इस कंपनी के शेयर की कीमत फिर से नीचे आएगी| ऐसी राय इस निवेशक योद्धा!… की होती है| पर ऐसा होता नहीं है; होता बिल्कुल विपरीत है| उस शेयर की कीमत बढ़ते ही जाती हैं, और जहां पहले खरीदारी की थी, उस लेवल की कीमत के आसपास उस शेयर की कीमत पहुंच जाती है|

तभी वह निवेशक उस शेयर की तरफ फिर से आकर्षित होता है; और उस शेयर की खरीदारी करने से अपने आप को रोक नहीं पाता है| अपने किए हुए नुकसान की भरपाई करने हेतु वह निवेशक फिर से, उसी शेयर की खरीदारी बढ़ी हुई कीमत पर कर लेता है| यह उसकी तीसरी भूल होती है|

आम आदमी का शेयर बाजार के प्रति विचार! 

उसने ख़रीदे हुई शेयर की कीमत थोड़ी सी बढ़ भी जाती है, परंतु इतनी बढ़ोतरी से उनके नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती, यह सोचकर, यह महाशय शेयर की कीमत और बढ़नी की आस लगाए इंतजार की भूमिका निभाता है| फिर से वही चक्र घूमने लगता है| यानी शेयर की कीमत में फिर से गिरावट आने लगती हैं| यह देख कर उस व्यक्ति को और भी  मानसिक पीड़ा और पश्चाताप होने लगता है| यार…… अब तो हद हो गई| शेयर बाजार में पैसा कमाना अपने नसीब में नहीं है! और नहीं वह अपने बस की बात है! शेयर बाजार का काम कुछ ठीक नहीं! ऐसा सोचकर बाज़ारसे दूर भागता है| इस तरह उसकी बाजार की यात्रा पूर्ण हो जाती है|

महत्वपूर्ण सुचना!

यह एक आर्थिक नुकसान देने वाली बुरी आदत है| ऐसी गलत धारणा, गलत सोच, अनेक लोगों की बाजार के विषय में  होने लगती है, और शेयर बाजार से तोबा! कर लेते हैं| लेकिन ऐसा ना करते हुए| शेयर बाजार के बारे में थोड़ा स्टडी करके, सही एडवाइस लेकर, इन्वेस्टमेंट करने से, इस तरह की मानसिक उठापटक से बचा जा सकता है| अब आप समझ गए होंगे की, शेयर बाजार में आम आदमी के साथ क्या होता है? उनकी मानसिकता क्या होती है? और क्या होनी चाहिए?

तो दोस्तों, मैंने यह आपको पूरा समझाने की कोशिश की है| अगर आपको कोईभी समस्या हो या कोई dout हो, तो आप जरूर हमें कमेंट के माध्यम  से या contact Us पेज पर भी पूछ सकते हो| अगर आपको हमारी यह महत्वपूर्ण जानकारी अच्छी लग रही हों, तो आप जरूर इसे शेअर कीजिये उससे हमें बहोत ख़ुशी मिलती है|

धन्यवाद,


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